COMMODITIESWHEAT

गेहूं निर्यात पर सरकार का संतुलित कदम: सख्त नीति के बीच 25 लाख टन को सशर्त हरी झंडी

By M&M Bureau

केंद्र सरकार ने गेहूं निर्यात नीति में आंशिक ढील देते हुए 25 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं के निर्यात की अनुमति दे दी है। यह फैसला विदेशी व्यापार नीति, 2023 के तहत मौजूदा प्रावधानों में संशोधन करते हुए लिया गया है। सरकार के इस कदम को घरेलू आपूर्ति की सुरक्षा बनाए रखते हुए किसानों और निर्यात क्षेत्र को राहत देने वाला माना जा रहा है।

24 फरवरी 2026 को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, Directorate General of Foreign Trade (DGFT) ने स्पष्ट किया है कि गेहूं से जुड़े आईटीसी (एचएस) कोड 10011900 और 10019910 के तहत निर्यात नीति फिलहाल “प्रतिबंधित” ही रहेगी। हालांकि, विशेष शर्तों के साथ 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निर्यात को अनुमति दी गई है, जिसके लिए विस्तृत प्रक्रियाएं और नियम अलग से सार्वजनिक सूचना (पब्लिक नोटिस) के जरिए जारी किए जाएंगे।

Read here: Govt. Policies

सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह 25 एलएमटी गेहूं निर्यात की अनुमति पहले से स्वीकृत सरकार-से-सरकार (G2G) आधार पर किए जा रहे खाद्य सुरक्षा निर्यात के अतिरिक्त होगी। यानी खाद्य सुरक्षा जरूरतों के तहत होने वाले निर्यात पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

यह संशोधन विदेशी व्यापार (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1992 की धारा 3 और 5 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए किया गया है और इसे विदेशी व्यापार नीति, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप बताया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से एक ओर घरेलू बाजार में गेहूं की उपलब्धता और कीमतों पर नियंत्रण बना रहेगा, वहीं दूसरी ओर सीमित लेकिन नियंत्रित मात्रा में निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, कुल नीति भले ही अभी प्रतिबंधात्मक बनी हुई हो, लेकिन तय मात्रा में निर्यात की अनुमति देकर सरकार ने साफ संकेत दिया है कि वह बाजार की स्थिति, भंडारण और किसानों के हितों के बीच संतुलन साधने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में DGFT द्वारा जारी की जाने वाली विस्तृत शर्तों पर निर्यातकों और अनाज व्यापार से जुड़े उद्योग की निगाहें टिकी रहेंगी।

×