UP: सीतापुर में पीडीएस चावल की कालाबाज़ारी की कोशिश नाकाम, ठेकेदार समेत कई पर FIR
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभार्थियों के लिए निर्धारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के चावल की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की सतर्कता से चावल की कालाबाज़ारी की कोशिश समय रहते नाकाम कर दी गई, जिसके बाद परिवहन ठेकेदार समेत अन्य के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, यह कार्रवाई मार्केटिंग इंस्पेक्टर शंतनु मिश्रा की शिकायत पर की गई। मामला आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट, सीतापुर द्वारा प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को मंजूरी दिए जाने के बाद पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना सोमवार रात सीतापुर शहर के शेख सराय इलाके में स्थित सहरिश फातिमा की उचित दर दुकान पर हुई। फरवरी 2026 के वितरण के लिए निर्धारित 120 बोरी चावल लेकर एम/एस किसान एंटरप्राइजेज की ओर से संचालित एक ट्रक दुकान पर पहुंचा। प्रत्येक बोरी का वजन करीब 50 किलोग्राम था, लेकिन मौके पर केवल 99 बोरियां ही उतारी गईं।
शक होने पर दुकान संचालिका के पति ने चालक और मजदूरों से शेष बोरियां उतारने को कहा। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई की चेतावनी मिलने पर चालक और मजदूर ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गए। बाद में जांच के दौरान ट्रक से 21 बोरियां छिपाकर रखी हुई मिलीं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से नीचे उतारा गया।
घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में एक स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और जिला आपूर्ति अधिकारी के निर्देश पर आपूर्ति निरीक्षक (सीतापुर सिटी) तथा मार्केटिंग इंस्पेक्टर (खैराबाद) की संयुक्त जांच कराई गई।
जांच में यह पुष्टि हुई कि चावल को कथित रूप से कालाबाज़ारी के लिए मोड़ने का प्रयास किया जा रहा था। इसके बाद जिला प्रशासन ने पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने परिवहन ठेकेदार कल्पना वर्मा, ट्रक चालक नौशाद और एक अज्ञात मजदूर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
